प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका यात्रा को लेकर उत्साहित हैं भारतीय-अमेरिकी

Rozanaspokesman

देश

प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले 2016 में अमेरिकी सांसदों को संबोधित किया था।

Indian-Americans excited about PM Modi's US visit

ह्यूस्टन : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिका की राजकीय यात्रा को लेकर भारतीय-अमेरिकियों में काफी उत्साह है और उन्हें उम्मीद है कि इस यात्रा से सुरक्षा सहयोग, रक्षा, व्यापार, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी सहित अंतरिक्ष के क्षेत्र में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिलेगी। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रथम महिला जिल बाइडन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 21 से 24 जून को अमेरिका की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वह कांग्रेस के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करेंगे जिसे एक बड़ा अवसर माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले 2016 में अमेरिकी सांसदों को संबोधित किया था।

प्रधानमंत्री मोदी के कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेने की उम्मीद है जिसमें व्यापार जगत के दिग्गजों के साथ बैठकें और कई सामुदायिक कार्यक्रम शामिल हैं। कई लोगों ने ऐतिहासिक राजकीय यात्रा का साक्षी बनने के लिए वाशिंगटन डीसी जाने की तैयारी पहले ही कर ली है।. वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में प्रधानमंत्री मोदी के औपचारिक स्वागत का गवाह बनने के लिए पूरे अमेरिका से समुदाय के पांच हजार से अधिक गणमान्य सदस्यों को आमंत्रित किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में बंदूक की सलामी दी जाएगी। कार्यक्रम में आए लोगों को राष्ट्रपति बाइडन और प्रधानमंत्री मोदी संबोधित भी करेंगे।

भारतीय-अमेरिकी नेता एवं सेवा इंटरनेशनल ह्यूस्टन चैप्टर के अध्यक्ष गीतेश देसाई ने कहा, ‘‘यह जीवन में एक बार मिलने वाला मौका है, जो केवल देश के सबसे करीबी सहयोगियों को मिलता है। अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करने का निमंत्रण अमेरिका तथा भारत के बीच संबंधों के ऐतिहासिक महत्व को याद दिलाता है। खासकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में वैश्विक शांति तथा समृद्धि के साझा सपने और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’’

‘इंडो अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स ऑफ ग्रेटर ह्यूस्टन’ (आईएसीसीजीएच) के संस्थापक सचिव जगदीप अहलूवालिया ने कहा, ‘‘राजकीय यात्रा और अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र में संबोधन को लेकर भारतीय-अमेरिकी बेहद उत्साहित हैं। इस यात्रा से भारत के साथ आर्थिक संबंध और निवेश बढ़ने के अलावा दोनों देशों की दोस्ती भी गहरी होगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार पहले ही 2022-23 में 7.65 प्रतिशत बढ़कर 128.55 अरब डॉलर हो गया है, जो 2021-22 में 119.5 अरब डॉलर और 2020-21 में 80.51 अरब डॉलर था।’’ जाने माने वैदिक विद्वान एवं कंप्यूटर वैज्ञानिक, पद्म श्री विजेता प्रोफेसर सुभाष काक ने कहा, ‘‘यह चीन से अमेरिकी आर्थिक ताकत को मिल रही गंभीर चुनौती का देखते हुए इतिहास का अहम समय है।’’

काक ने कहा, ‘‘अमेरिका, भारत को अपनी ओर करना चाहता है, हालांकि भारत से उम्मीद की जाती है कि वह वही करे जो उसके हितों के अनुकूल हो... आतंकवाद को पाकिस्तान से मिल रहे समर्थन को रोकना भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है। इसके अलावा भारत एक मुक्त समाज और हर जगह स्वतंत्रता होने के पक्ष में है।’’

‘नेक्स्ट’ समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एवं भारतीय-अमेरिकी सीईओ काउंसिल के सह-अध्यक्ष अरुण अग्रवाल ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी जहां भी जाते हैं, चाहे वह ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया हो या कोई अन्य स्थान...इसका असर दुनिया भर में होता है। डलास में भारतीय-अमेरिकी समुदाय इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने के लिए उत्साहित हैं...’’

‘गांधी फाउंडेशन ऑफ यूएसए’ के अध्यक्ष एवं भारतीय-अमेरिकी नेता सुभाष राजदान और उनकी पत्नी एवं नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन की अध्यक्ष राज राजदान भी प्रधानमंत्री की यात्रा को लेकर काफी उत्साहित हैं और उनका मानना है कि, ‘भारत माता के उत्थान के लिए मोदी की ईमानदारी और भारत के लिए उनकी प्रतिबद्धता नए अवसरों की तलाश करती है’।’ अमेरिकी यात्रा पर पहुंचने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र परिसर के नॉर्थ लॉन में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम की अगुवाई भी करेंगे।