यह तस्वीर खनौरी बॉर्डर पर लंगर के बर्तन में फसीं गोली की नहीं है, Fact Check रिपोर्ट

फेक्ट चैक

वायरल तस्वीर का किसान आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है. यह तस्वीर म्यांमार और बांग्लादेश की सीमा पर हुई एक घटना की है।

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RSFC (Team Mohali)- सोशल मीडिया पर किसान आंदोलन से जुड़े कई भ्रामक दावे वायरल हो रहे हैं। ऐसा ही एक दावा तस्वीर के रूप में वायरल हो रहा है जिसमें एक बर्तन के ढक्कन पर गोली फसीं देखी जा सकती है। दावा किया जा रहा है कि ये तस्वीर खनौरी बॉर्डर पर लगे लंगर के बर्तन की है जो पुलिस की फायरिंग को दर्शा रही है।

फेसबुक यूजर 'बलजीत संधू मलूका' ने वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए खनौरी बॉर्डर का बताया।

रोज़ाना स्पोक्समैन ने अपनी जांच में वायरल दावे को भ्रामक पाया है। वायरल तस्वीर का किसान आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है। यह तस्वीर म्यांमार और बांग्लादेश की सीमा पर हुई एक घटना की है।

स्पोक्समैन की पड़ताल

पड़ताल शुरू करते हुए हमने सबसे पहले इस तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया।

"वायरल तस्वीर का किसानों के संघर्ष से कोई लेना-देना नहीं"

हमें यह तस्वीर dailynayadiganta वेबसाइट पर 16 फरवरी 2024 को प्रकाशित एक आर्टिकल में अपलोड मिली। बांग्ला भाषा में प्रकाशित इस रिपोर्ट के मुताबिक, शाहपरिर द्वीप और सेंट मार्टिन की सीमा पर टेकनाफ में एक बार फिर भारी गोलीबारी हुई। जोरदार धमाकों से इलाका दहल गया और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
 
"बीडी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार म्यांमार सेना और विद्रोही गुटों के बीच चल रही झड़पों के कारण बांग्लादेश के सीमावर्ती इलाकों में तनावपूर्ण स्थिति का माहौल देखा जा रहा है।"

आपको बता दें कि यह तस्वीर कई बांग्लादेशी मीडिया संस्थानों की खबरों में प्रकाशित हो चुकी है।

निष्कर्ष- रोज़ाना स्पोक्समैन ने अपनी जांच में वायरल दावे को भ्रामक पाया है। वायरल तस्वीर का किसान आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है। यह तस्वीर म्यांमार और बांग्लादेश की सीमा पर हुई एक घटना की है। 


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