लोकतंत्र के बारे में राहुल की टिप्पणी को लेकर राज्यसभा में हंगामा, कार्यवाही दो बजे तक स्थगित

Rozanaspokesman

राष्ट्रीय, दिल्ली

कार्यवाही करीब 25 मिनट के भीतर दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

Uproar in Rajya Sabha over Rahul's remarks about democracy, proceedings adjourned till 2 pm

 New Delhi: भारत में लोकतंत्र को खतरे के संबंध में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लंदन में दिए गए एक बयान को लेकर सोमवार को राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। इस वजह से हुए हंगामे के कारण उच्च सदन की कार्यवाही शुरु होने के करीब 25 मिनट के भीतर दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर दिवंगत पूर्व सदस्य नरेन्द्र प्रधान को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उसके बाद सभापति जगदीप धनखड़ ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसके तुरंत बाद सदन के नेता पीयूष गोयल ने राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा कि विपक्ष के एक नेता ने विदेशी धरती से ‘‘शर्मनाक तरीके’’ से भारत के लोकतंत्र के बारे में ‘‘अनाप-शनाप’’ बातें की हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘विपक्षी नेता ने भारत, भारत की सेना, भारत के लोकतंत्र, मीडिया, न्यायपालिका, निर्वाचन आयोग का अपमान किया है। उन्होंने लोकतंत्र को चोट पहुंचाई है।’’

गोयल ने कहा कि इसके लिए विपक्षी नेता को सदन में आकर देश से माफी मांगनी चाहिए।

गोयल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ कांग्रेस नेता के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि गांधी ने एक सामाजिक कल्याण संगठन के बारे में भी ‘‘गलत’’ आरोप लगाए। यह उल्लेख करते हुए कि पूरी दुनिया भारत और उसके लोकतंत्र की प्रशंसा कर रही है, सदन के नेता ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है।

उन्होंने कहा, ‘‘उनके गलत आरोपों के लिए विपक्षी दल और उसके नेता को सदन में आना चाहिए और देश के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। इस सदन से माफी मांगनी चाहिए, आसन से माफी मांगनी चाहिए। और उन्हें समझना होगा कि लोकतंत्र क्या होता है।’’

उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र तब खतरे में था जब आपातकाल थोपा गया था और मीडिया की आवाज दबा दी गई थी। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र उस समय खतरे में था जब मंत्रिमंडल से पारित विधेयक की प्रति मीडिया के समक्ष फाड़कर फेंकी गई थी। गोयल ने कहा, ‘‘लोकतंत्र खतरे में तब था जब प्रधानमंत्री को यह कहने के लिए मजबूर किया जाता है कि मैं भ्रष्टाचार नहीं रोक सकता क्योंकि यह गठबंधन सरकार है।’’

सदन के नेता की इस टिप्पणी का कांग्रेस सहित कुछ अन्य विपक्षी दलों ने प्रतिकार करते हुए हंगामा किया।

विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस बात पर आपत्ति जताई और कहा कि जो नेता राज्यसभा के सदस्य नहीं हैं, उनके बारे में नेता सदन ने यहां टीका-टिप्पणी की और उन्हें सदन में बुलाने की बात कर रहे हैं। राहुल गांधी लोकसभा में केरल के वायनाड़ संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

गोयल की टिप्पणियों की निंदा करते हुए खरगे ने कहा कि यहां जो चल रहा है, उस विषय के बारे में सारी दुनिया जानती है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर हमने कहा कि लोकतंत्र सही तरीके से नहीं चल रहा है... संविधान के अनुसार लोकतंत्र नहीं चल रहा है, लोकतांत्रिक वसूलों के तहत नहीं चल रहा है।’’ इसी दौरान खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने चीन दौरे के दौरान की गई कुछ टिप्पणियों का उल्लेख किया। इस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने हंगामा आरंभ कर दिया।.

हंगामे के बीच ही धनखड़ ने 11 बजकर 22 मिनट पर सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। राहुल ने ब्रिटेन के मशहूर शिक्षण संस्थान कैंब्रिज विश्वविद्यालय में दिए व्याख्यान में यह आरोप लगाया था कि भारत में लोकतंत्र पर हमला हो रहा है और प्रधानमंत्री मोदी भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को नष्ट कर रहे हैं।