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PGI News: चंडीगढ़ पीजीआई में टेलीमेडिसिन के जरिए घर बैठे पाएं इलाज, हरियाणा के 7663 मरीजों को फायदा
Published : Jun 17, 2024, 3:43 pm IST
Updated : Jun 17, 2024, 3:43 pm IST
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Get treatment at home through telemedicine in Chandigarh PGI news in hindi
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आंकड़ों के मुताबिक, टेलीमेडिसिन विभाग हर महीने 7 हजार से ज्यादा मरीजों का इलाज कर रहा है, जिन्हें अब पीजीआई आने की जरूरत नहीं है। 

PGI News In Hindi: पीजीआई चंडीगढ़ का टेलीमेडिसिन विभाग दूर बैठे मरीजों के लिए राहत का साधन बन रहा है। ओपीडी में रोजाना 8 से 10 हजार मरीज आते हैं, जिनमें दूर-दराज के मरीज भी शामिल हैं, जिनमें अकेले हरियाणा के 7663 मरीजों का मई माह में टेलीमेडिसिन विभाग द्वारा इलाज किया गया है।

अप्रैल में यह आंकड़ा 7100 था। आंकड़ों के मुताबिक, टेलीमेडिसिन विभाग हर महीने 7 हजार से ज्यादा मरीजों का इलाज कर रहा है, जिन्हें अब पीजीआई आने की जरूरत नहीं है। 

स्त्री रोग विभाग से महिलाएं बीमारियों का इलाज भी करा रही हैं। अकेले मई माह में स्त्री रोग विभाग ने 1675 महिलाओं का इलाज किया है। विभागाध्यक्ष प्रो. बिमान सैकिया का कहना है कि टेलीमेडिसिन चिकित्सा क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला रहा है।

अब मरीजों को उनके घर के पास ही पीजीआई के डॉक्टरों से इलाज मिल रहा है। मरीजों को यहां आने की जरूरत नहीं है। ऐसे में डॉक्टरों और मरीजों दोनों का समय बचता है। 

केवल वे मरीज जिन्हें टेलीमेडिसिन से राहत नहीं मिलती है और डॉक्टर को लगता है कि शारीरिक जांच की जरूरत है, उन्हें पीजीआई बुलाया जाता है, अन्य मरीजों को नहीं। इससे न केवल मरीजों का समय बचता है बल्कि वित्तीय बोझ भी कम होता है। चार साल से पीजीआई केवल हरियाणा राज्य पर ही फोकस कर रहा है। 

पंजाब, हिमाचल और हरियाणा तीन ऐसे राज्य हैं जहां पीजीआई में मरीजों का भारी बोझ है। ऐसे में मामूली ही सही लेकिन बढ़ता दबाव कम हो रहा है। टेलीमेडिसिन विभाग सुविधाओं का विस्तार करना चाहता है, ताकि दूसरे राज्यों पर भी ध्यान दिया जा सके। अगर ऐसा हुआ तो पीजीआई में मरीजों की बढ़ती संख्या से कुछ राहत मिल सकती है।  

सबसे ज्यादा मरीज इंटरनल मेडिसिन विभाग में देखे जाते हैं। पिछले महीने इंटरनल मेडिसिन में 2719 मरीजों ने इलाज कराया। इसके बाद त्वचा रोग विभाग ने 1802 मरीजों का इलाज किया। नेत्र रोग विभाग के 1026 और बाल रोग विभाग के 441 बच्चों का टेली-परामर्श के माध्यम से इलाज किया गया।

(For more news apart from treatment at home through telemedicine in Chandigarh PGI news in hindi, stay tuned to Rozana Spokesman Hindi) 

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